बाढ़ के कारण सरजू नदी का कटान शुरू होने लगा
उमेश तिवारी
रामनगर बाराबंकी रामनगर
सरजू नदी के कटान से तटवर्ती गांव के पास कटान शुरू हो गई है परेशान ग्रामीणों का कहना है की पिछले वर्ष 3 घर बाढ़ में बह गए थे और संभावना है कि तीन चार घर फिर बाढ़ की चपेट में आ जाएंगे और सरजू में समा सकते हैं सरकार द्वारा जो कटान रोकने के लिए पकयुपाईपलगायाजा रहा है उसके लगने से ज्यादा असर नहीं पड़ने वाला है सहायक अभियंता ने बताया कि अबकी बार संजू के दो घाघरा के दो धाराओं में बचने से गांव के पास कटान की संभावना बहुत कम है पानी की गहराई भी गांव के पास डेढ़ मीटर के आसपास है जिसमें अभी कटान की कोई संभावना विशेष रूप से नहीं दिखाई दे रही है बता दें कि पिछले साल कटान की वजह से कुछ लोग अपने घरों को तोड़कर ईंट और सरिया उठा ले गए थे और बाढ़ के खत्म होने के बाद फिर छप्पर और डालकर रहने लगे थे इस बार भी कटान शुरू हो गई है और ग्रामीणों को कोई भी राहत नजर नहीं आ रही है अभी तो यह शुरुआत है अत्यधिक बाढ़ की स्थिति में आगे क्या होगा या तो समय ही बताएगा सत्य तपेसीपाह सिरौलीगौसपुर मार्ग की सड़क के बीच में बह बह गई है आने वाली बाढ़ से सड़क की दूसरी तरफ के ग्राम वासियों को और खतरा बढ़ गया हाय पूरी सड़क छतिग्रस्त है पूरा मार्ग भी क्षतिग्रस्त हो गया है अगर भीषण बाढ़ आती है तो यह मार्ग पानी नहीं रोक पाएगा और दूसरी तरफ बने हुए मकान भी पूरी तरह डूब जाएंगे इस सड़क पर लोगों का चलना बेहाल है लोग दोपहिया वाहन भी पैदल लेकर निकल रहे हैं ग्रामीणों का आना जाना बहुत ही परेशानी भरा है बाढ़ की शुरुआत में ही ऐसी तस्वीरें दिल को झकझोर देती है एक तो घाघरा की कटान से बाढ़ की समस्या और दूसरी और बाढ़ ग्रस्त इलाके के मार्ग का पूरी तरह क्षतिग्रस्त होना ग्रामीणों के लिए विशेष समस्या बन गया है अब देखना यह है की राजस्व विभाग कर्मचारी व उच्च अधिकारी जनपद के अधिकारी बाढ़ राहत के लिए कौन सा निर्णय करते हैं बाढ़ क्षेत्र बाढ़ की समस्या में ग्रस्त है